आई जब पश्चीम से टीवी, बीवी की डीजाईन बदल गई !
देख-देख के फैशन फिल्म, साड़ी छोड़ जींस मील गई !!
चलने लगी बीन आँचल ,के सब खुल्लम खुल्ला हो गई !
बब कट में बाल कटी तो, इन्ग्लीश्तानी चाल हो गई !!
नाक का गहना भूल गई, अब तो नाभि में छेद है !
आती ना पश्चीम टीवी, तो कौन कहता उस मे दोष है!!
देख-देख के फैशन फिल्म, साड़ी छोड़ जींस मील गई !!
चलने लगी बीन आँचल ,के सब खुल्लम खुल्ला हो गई !
बब कट में बाल कटी तो, इन्ग्लीश्तानी चाल हो गई !!
नाक का गहना भूल गई, अब तो नाभि में छेद है !
आती ना पश्चीम टीवी, तो कौन कहता उस मे दोष है!!
कंप्यूटर से बदली दुनियाँ, इन्टरनेट संस्कार
बन गए !
घर बैठे चेटींग हो तो, डेटींग के लिए सब मचल
गय !!
करे क्या सरकार कोई, डेटींग तो फैशन बन गय
!
मस्त हुए इस में तो, अपनी सभ्यता सब भूल गय
!!
ना कहो कुछ, सबके मन के साथ आँखों में जोश है
!
सभ्यता ये आती ना यहाँ तो कौन कहता उसमे दोष
है !!
लोग कहें मादा संग मादा, नर के संग नर घर
को आए !
रंग देख रंग बदले दुनीया, एक से पूरा तलाब
जाए !!
सवींधान बदले चाहे बदले धारा, सम्लैंगीक ही
परीवार भाए !
चोरी हो चाहे मीले समर्थन, जन संख्या कंट्रोल
हो जाए !!
गुस्सा FB TWTR से बस, खादी धारी के लिए ही
रोष है !
दाग न लगती संस्कृती पे तो कौन कहता उसमे
दोष है !!
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