तस्वीर जिन्दगी की

मुझे दर्पण देखने के बाद स्वयं में झाँकने की प्रेरणा मिली, मैं शब्दों के माध्यम से जीवन के रंग, प्रारूप और अनुभव को चित्रित करने की कोशिश करता हूँ। आप मेरे प्रयासों की आलोचना कर सकते हैं किन्तु प्रोत्साहन मेरी आशा है।

Thursday, 4 July 2019

दिल्ली दर्शन











Posted by विनोद कुमार सक्सेना at 00:03 No comments:
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विनोद कुमार सक्सेना
दर्पण देख जिन्दगी में झाँक कर देखने की प्रेरणा मिली। जिन्दगी के रूप, रेखा, अनुभव और तजुर्बो को शब्दों द्वारा चित्रण करने की कोशिश करता रहता हूँ।
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