मुझे दर्पण देखने के बाद स्वयं में झाँकने की प्रेरणा मिली, मैं शब्दों के माध्यम से जीवन के रंग, प्रारूप और अनुभव को चित्रित करने की कोशिश करता हूँ। आप मेरे प्रयासों की आलोचना कर सकते हैं किन्तु प्रोत्साहन मेरी आशा है।
Post a Comment
No comments:
Post a Comment